चमार (जाटव) जाति की उत्पत्ति एवं इतिहास | Jatav Chamar Caste History in Hindi

Jatav Chamar Caste History in Hindi (चमार जाति की उत्पत्ति एवं इतिहास) दोस्तों इस पोस्ट में हम चमार जाती के सम्पूर्ण इतिहास को जानेंगे। चमार जाती की उत्पत्ति कैसे हुई, Chamar Jati Ka Itihas क्या है और चमार जाती के प्रसिद्ध व्यक्ति कौन कौन है। इन सबके बारे में जानेंगे डिटेल में इस पोस्ट में तो फिर आप बने रहिये इस पोस्ट में आखिर तक। उम्मीद है आपको हमारी इस पोस्ट में दी जानकारी पसंद आयेगी। अगर आपको इस पोस्ट में दी चमार जाती के इतिहास की जानकारी अच्छी लगे तो इसे शेयर जरूर करें।

चमार जाति की उत्पत्ति एवं इतिहास – Jatav Chamar History in Hindi

दोस्तों भारत के इतिहास में चमार अथवा जाटव जाती को चमड़े का कार्य करने के कारण चर्मकार नाम से भी जाना जाता था। Chamar Jati Ka Itihas प्राचीन रहा है। अगर चमार जाती की उत्पत्ति की बात करें तो अलग अलग इतिहासकारों के अलग अलग मत है। कुछ इन्हे चंदवंशी राजपूत मानते है जो पहले क्षत्रिय समुदाय में शामिल थे जिन्हे आंतरिक लड़ाइयों के चलते क्षत्रिय समुदाय से अलग कर दिया गया था। इसके बाद चमार जाती के लोगो को शूद्र में गिना जाने लगा। लेकिन ये महज एक कहानी लगती है। क्योंकि इस बात का विवरण अगर ढूंढे तो हमें किसी भी इतिहास की किताब में नहीं मिलेगा।

इतिहास

दोस्तों सच तो यह है कि हम जिन्हें Chamar Jati समझ कर नीची जाति का कहते हैं और जिन्हें हिंदू लोग छूने से भी कतराते हैं वह चंवर वंश के क्षत्रिय हैं। इस बात का खुलासा डॉ विजय सोनकर शास्त्री की एक पुस्तक ”हिन्दू चर्ममारी जाति एक स्वर्णिम गौरवशाली राजवंशीय इतिहास” में हुआ है। डॉ विजय सोनकर शास्त्री के अनुसार प्राचीन काल में ना तो कोई चमार शब्द था और ना ही इस नाम की कोई Chamar Jati मौजूद थी। इसका साफ मतलब है की ये सब बाद में इतिहास की उथल पुथल के कारण हुआ है।

डॅा विजय सोनकर शास्त्री के अनुसार तुर्क आक्रमणकारियों के काल में चंवर राजवंश का शासन भारत के पश्चिमी भाग में फैला हुआ था और इसके प्रतापी राजा चंवरसेन हुआ करते थे। राणा सांगा व उनकी पत्नी झाली रानी ने चंवरवंश से संबंध रखने वाले संत रैदासजी को अपना गुरु बनाकर उनको मेवाड़ के राजगुरु की उपाधि दी थी और उनसे चित्तौड़ के किले में रहने की प्रार्थना की थी।

चमार जाती के इतिहास का वीडियो यहाँ देखें –

सोनकर शास्त्री ने अपनी किताब में लिखा है विदेशी और इस्लामिक क्रमणकारियों के आने से पहले भारत में मुस्लिम, सिख एवं दलित नहीं थे। आज जिन्हे हम दलित कहते है वे सब आंतरिक लड़ाई के कारण धीरे धीरे क्षत्रिय समुदाय से अलग होते गए और इनकी गिनती निम्न और शूद्र जाति में की जाने लगी। यहां यह बताना जरूरी है कि इस बात का उल्लेख किसी ऐतिहासिक पुस्तक या ग्रंथ में नहीं मिलता, इसीलिए आज भी यह एक शोध का विषय है।

चमार जाती की जनसंख्या – Jatav Chamar Caste History

दोस्तों चमार मुख्य रूप से भारत के उत्तरी राज्यों, पाकिस्तान और नेपाल में पाए जाते हैं। 2001 की जनगणना के अनुसार चमार जाती की जनसंख्या इस प्रकार है।

  • पश्चिम बंगाल – 999,756, बिहार – 4,090,070, दिल्ली – 893,384, चंडीगढ़ – 1,659,303, गुजरात – 1,041,886, हरियाणा – 2,079,132, हिमाचल प्रदेश – 414,669, जम्मू कश्मीर – 488,257, झारखंड – 837,333, मध्यप्रदेश – 4,498,165, महाराष्ट्र – 1,234,874, पंजाब – 2,800,000, राजस्थान – 5,457,047, उत्तर प्रदेश – 19,803,106, उत्तराखंड – 444,535

चमार जाति पेशा – Chamar caste profession

दोस्तों Chamar Jati के लोग पहले चमड़े का कार्य करते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है। बदलते समय के साथ अब Chamar Jati के लोग अलग अलग क्षत्रों में अपनी कला का कौशल दिखला रहे है। इसलिए आज के समय में चमार जाती को चमड़े के व्यवसाय से जोड़कर देखना न्यायसंगत नहीं होगा। आज Chamar Jati के लोग कला, खेल, साहित्य, शिक्षा, चिकित्सा उद्योग, व्यवसाय, प्रशासनिक सेवा, राजनीति आदि में अपने झंडा लहरा रहे हैं।

चमार शब्द एक जातिसूचक शब्द – Chamar word a caste word

दोस्तों आपको यह बताना भी जरूरी है की जिस चमार जाती के बारे में इस पोस्ट में पढ़ रहे हैं वह चमार शब्द एक जातिसूचक शब्द है तथा ऐसे भारत की सर्वोच्च अदालत द्वारा एक जातिवाद गाली के रूप में वर्गीकृत किया हुआ है। आप जब भी इस शब्द का इस्तेमाल करें तो सोच समझ कर ही करें। scheduled caste and scheduled tribe (prevention of atrocities) act 1989 के अनुसार आप पर इसके गलत इस्तेमाल को लेकर कार्यवाही की जा सकती है।

चमार जाती के महत्वपूर्ण व्यक्ति – Important person of Chamar caste

  • कांशी राम (1934–2006),बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक और कुमारी बहन मायावती के संरक्षक।
  • जगजीवन राम (1908–1986), भारत के पहले श्रम मंत्री, पूर्व रक्षा मंत्री, पूर्व उप प्रधान मंत्री और मीरा कुमार के पिता।
  • मायावती, बहुजन समाज पार्टी प्रमुख , उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री।
  • चमकीला, पंजाबी गायक।
  • मोहिंदर सिंह कायपी जलंधर के सांसद।
  • मीरा कुमार,भूतपूर्व लोकसभा-अध्यक्ष।

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