शतावरी के फायदे, नुकसान और इस्तेमाल की विधि | Shatavari benefits

आयुर्वेद में बहुत जड़ीबूटियों का इस्तेमाल होता है जैसे Ashwagandha, Shatavari, सफ़ेद मूसली, काली मूसली, अजवायन, Gokhru आदि। शतावरी के बारे में आज जानकारी देंगे आपको। Shatavari एक Sexual Powerfull जड़ी बूटी है। जिसका उपयोग ज्यादातर यौन सम्बंधित रोगो के इलाज के लिए होता है।  Shatavari शरीर में नए Blood निर्माण में सहायक है। इस लेख में आप विस्तार से जानेंगे की

  • शतावरी क्या होती है? (Shatavari)
  • शतावरी के फायदे क्या होते है? (Shatavari benefits)
  • शतावरी के नुकसान क्या होते है? (Shatavari side effects)
  • शतावरी कहा उपयोग होती है? ( Shatavari uses)

 

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शतावरी क्या है? (What is Shatavari in Hindi language)

Shatavari ( Asparagus ) Plant भारत के Himalaya पहाड़ के क्षेत्रों और Shri Lanka में पाई जाती है। और वहा के लोग इसको Vegetables के रूप में भी इस्तेमाल करते है। Shatavari में Calories की मात्रा बहुत कम होती है। Shatavari  लिली परिवार का पौधा होता है। और इसमें ओषधि गुण होते है। Shatavari के पौधे का हर भाग इस्तेमाल में लाया जा सकता है। और शतावरी मुख्य तीन रंगो में पाई जाती है। इसको सतावर, शतावरी, सतमूल, या सतमूली के नाम से भी जाना जाता है। ये एक कांटेदार बेल रुपिये पौधा होता है। लेकिन अभी ये पौधा लुप्तप्राय श्रेणी में आता है। इसकी एक बिना काँटों वाली प्रजाति भी होती है जो की हिमालय की उंचाई वाले क्षेत्रों में मिलती है। इसको जड़ी बूटियों में रानी का दर्जा प्राप्त है।

Shatavari दो प्रकार की होती है।

  • विरलकंद Asparagus- इस Asparagus का दवाई के तौर पर इस्तेमाल काढ़े के रूप में किया जाता है। इसके फल आकार में छोटे होते है। और इन्ही फलो का इस्तेमाल ओषधि के रूप में होता है। 
  • कुन्तपत्रा Asparagus- ये एक प्रकार का पौधा होता है जो की झाड़ी के आकार का होता है। इसके फल भी आकार में छोटे होते है लेकिन मोटाई अधिक होती है। इसके फल जब पकजाते है तो इसका रंग लाल हो जाता है। 

शतावरी की जानकारी
श्रेणी / जगत
पादप
अश्रेणित
एंजियोस्पर्म | एकबीजपत्री
गण
Asparagales
कुल
Asparagaceae
वंश
ऐस्पैरागस
जातिAsparagus officinalis

 

शतावरी में पोषक तत्व की जानकारी

पोषक मूल्य प्रति 100 Gram
कार्बोहाइड्रेट 3.88 g
शर्करा 1.88 g
आहारीय रेशा 2.1 g
वसा0.12 g
प्रोटीन2.20 g
थायमीन (विट. B1) 0.143 mg 11%
राइबोफ्लेविन (विट. B2) 0.141 mg 9%
नायसिन (विट. B3) 0.978 mg 7%
पैंटोथैनिक अम्ल (B5) 0.274 mg 5%
विटामिन B6 0.091 mg 7%
फोलेट (Vit. B9) 52 μg 13%
विटामिन C 5.6 mg 9%
Calcium 24 mg
Iron content 2.14 mg
Magnesium 14 mg
Phosphorus 52 mg
Potassium 202 mg
Zinc 0.54 mg
Manganese 0.158 mg

अन्य भाषाओं में शतावरी के नाम (Name of Shatavari in Different Languages)

शतावरी को अलग अलग भाषा के आधार पर अलग अलग नाम दिया गया है। जिसे लोग अलग नाम से जानते है इसकी पूरी जानकारी आपको टेबल में दी गई है।



  
Asparagus in हिन्दीसतावर, सतावरि, सतमूली, शतावरी, सरनोई
Asparagus in Persian शकाकुल (Shaqaqul)
Asparagus in Punjabi बोजान्दन (Bozandan); बोजीदान (Bozidan)
Asparagus in अंग्रेजीइंडियन एस्परगस (Wild asparagus)
Asparagus in तमिल शिमाई - शहदावरी, अम्मईकोडी, किलावरी
Asparagus in तेलुगु छल्लागड्डा, पिल्लीगडालु, किलवारी
Asparagus in कन्नड मज्जीगी - गिड्डी, एहेरू बल्ली
Asparagus in गुजराती सता सतावरी, इकोलाकान्टो वरी, इकोलाकान्टो
Asparagus in मराठी सतावारमुल, सतावरी
Asparagus in बांग्लासतामुली
Asparagus in मलयालम शतावली, सतावरी
Arabicशकाकुल (Shaqaqul)
Nepaliसतामूलि (Satamuli), कुरीलो (Kurilo)
Oriyaचोत्तारु (Chhotaru), मोहनोले (Mohnole)
Urduसतावरा (Satavara)
Sanskritशतावरी, शतपदी, शतमूली, महाशीता, नारायणी, काञ्चनकारिणी, पीवरी, सूक्ष्मपत्रिका, अतिरसा, भीरु, नारायणी, बहुसुता, बह्यत्रा, तालमूली, नेटिव एस्पैरागस (Native asparagus)

शतावरी के फायदे क्या होते है? (Shatavari benefits)

Shatavari का प्रयोग सालो से होता आ रहा है। विभिन्न रोगो के Treatment के लिए इस जड़ी बूटी का इस्तेमाल होता आया है। पहले के समय जो Ayurveda के वैद होते थे वो देशी जड़ीबूटियों से ही बड़ी से बड़ी Problem का इलाज किया करते थे। शतावरी (Shatavari in Tamil)का प्रयोग करने से पहले आपको इसके बारे Knowledge होना जरुरी होता है। इसके Benefits क्या है , इसके Side effects क्या होते है , इसकी तासीर क्या होती है और कितनी मात्रा में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। ये सब जानकारी आपको होनी चाहिए या फिर किसी वैद की सलाह से आप इसका सेवन कर सकते है।

मधुमेह के लिए शतावरी के फायदे (Shatavari Benefits in diabetes in Hindi)

जिन लोगो को Diabetes की बीमारी है उन लोगो के लिए shatavari powder का सेवन करना लाभदायक होता है। क्योकि शतावरी में वो पोषक तत्व होते है जो Diabetes की प्रॉब्लम को खत्म करने में सहायक होते है। इसमें Vitamins B6 होता है। जो एक Insulin के निर्माण को नियंत्रित करता है। इसके आलावा इसमें Antioxidants तत्व भी मौजूद होते है जो शरीर की Resistor क्षमता को बढ़ाते है।

वजन कम करने में शतावरी के फायदे (Shatavari Benefits in Weight loss in Hindi)

शतावरी में फाइबर की मात्रा काफी होती है जो की शरीर में Extra Fat  को बढ़ने नहीं देती और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखती है। इससे आपके शरीर में मोटापा नहीं आ पाता और इसके सेवन से भूख कम लगती है। इसलिए आप Weight Loss करने के लिए Shatavari Tablet का इस्तेमाल कर सकते है।

Osteoporosis में  शतावरी के फायदे (Benefits of Shatavari in Osteoporosis)

शतावरी में Calcium की मात्रा भरपूर होती है जो की हमारी हड्डियों(Bones) को मजबूत करने का काम करता है। शरीर की हड्डिया मजबूत होंगी तो आपको Osteoporosis की समस्या नहीं होगी। शरीर की Bones टूटने पर जल्दी इनकी दोबारा से जुड़ने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। और उम्र बढ़ने के साथ होने वाले जोड़ो के दर्द और अन्य समस्या से छुटकारा भी मिलता है। इसलिए भोजन में Asparagus की सब्जी या सुबह शाम इसका सेवन करने से बहुत फायदा मिलता है। हड्डिया मजबूत रहेंगी तो आप सभी काम ठीक प्रकार से कर पाएंगे।

 

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दिल के स्वास्थय के लिए शतावरी के फायदे (Shatavari Benefits in Heart diseases in Hindi)

Heart Attack जैसी गंभीर Diseases आजकल आम हो गई है। जो की गलत खान पान की वजह से होती है। और शरीर में Nutrients की कमी भी इसका मुख्य कारन है। shatavari का इस्तेमाल ह्रदय के लिए बहुत ही लाभदायक होता है। क्योकि अगर ह्रदय सही है तो शरीर सही से काम कर पायेगा क्योकि ह्रदय ही हमारे शरीर में All parts को रक्त के माध्यम से Oxygen की पूरी करता है और अन्य कार्य करता है। Heart disease का मुख्य कारक Cholesterol होता है जो की रक्त में थक्के के निर्माण में मुख्य भूमिका निभाता है। और एक Amino Acid Homocysteine जो की ह्रदय रोग को बढ़ाता है। शतावरी इस Homocysteine एसिड और कोलेस्ट्रॉल को कम करता है जिससे ह्रदय की बीमारिया कम हो जाती है। इसलिए शतावरी (Shatavari Meaning in Hindi ) का प्रयोग करना चाहिए

 

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पाचन तंत्र के लिए शतावरी के फायदे (Shatavari Benefits in Digestive System problems in Hindi)

Shatavari में Fiber की मात्रा काफी ज्यादा होती है जो की हमारे Digestive System के लिए लाभदायक होता है इससे आपको कब्ज की, Acidity की समस्या नहीं होती है। Himalaya Shatavari Powder का इस्तेमाल आप इसके लिए कर सकते है। जिस प्रकार दही(Curd) हमारे पाचन तंत्र के लिए अच्छा होता है क्योकि इसमें प्रोबायोटिक गुण मौजूद होते है उसी प्रकार शतावरी में भी ये गुण होते है जो पाचन तंत्र को सही और दुरुस्त रखने में मदद करता है।

त्वचा के लिए फायदेमंद शतावरी (Shatavari Uses and Benefit in Skin Problems in Hindi)

शतावरी में एंटीऑक्सीडेंट Glutathione  नामक तत्व होता है जो की त्वचा पर होने वाली झुर्रियों को खत्म करता है और कील मुहांसो को जड़ से खत्म करने का काम करता है। और Skin Glow को बरकरार रखता है।

 

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माइग्रेन में शतावरी के फायदे (Shatavari Uses and Benefits in Migraine)

शतावरी Migraine की समस्या से छुटकारा दिलाती है। जिन लोगो को Stress रहता है उनको ये समस्या आती है और रातो को नींद नहीं आती शरीर टूट जाता है। इसके लिए उन लोगो को Shatavari का सेवन करना चाहिए। शतावरी अनिंद्रा से राहत दिलाती है। इसमें फोलेट होता है जो की हमारी मानसिक समस्याओ को दूर करने का काम करता है।

शारीरिक कमजोरी में शतावरी के फायदे (Shatavari Benefits for body weakness)

शरीर में कमजोरी कई कारणों हो सकती है। और इसको दूर करने के लिए आप Shatavari का प्रयोग कर सकते है इसके लिए आप Shatavari की मालिश कीजिये। शतावरी को घी में पकाकर उसकी मालिश कर सकते है। इससे आपको बहुत लाभ मिलेगा।

 

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अनिंद्रा रोग में शतावरी के फायदे (Shatavari Benefits in Insomnia Problem )

बहुत से लोगो को Sleeplessness की समस्या होती है इसमें रोगी को नींद नहीं आती है। ऐसे में आप शतावरी का प्रयोग कर सकते है। शतावरी के 2 ग्राम चूर्ण को दूध में पकाकर इसका सेवन करे इससे आपकी अनिंद्रा की समस्या खत्म हो जाएगी।

सर्दी में शतावरी का प्रयोग (Shatavari Benefit in Cold and Cough Problems)

सर्दी के मौसम में Cold की समस्या आम हो जाती है। तो इसके लिए आप शतावरी(Asparagus) का काढ़ा बनाकर पी सकते है इससे आपको बहुत आराम मिलेगा। इसमें Shatavari की जड़ का काढ़ा बनाना है और रोजाना पंद्रह से बीस मिली पीना है इससे आपको आराम मिल जायेगा।

पेचिश (दस्त) में शतावरी के फायदे (Shatavari Benefits in Dysentery Problem)

Dysentery की बीमारी पानी के संक्रमण से होती है इसमें रोगी के मल में Blood आने लगता है और दस्त (Diarrhea)लग जाते है इसके लिए ताजा शतावरी को दूध में पीस कर पिने से इस बीमारी में आराम मिलेगा और मल में खून आने की समस्या भी ख़त्म हो जाती है।

पथरी रोग में शतावरी का प्रयोग (Shatavari Benefit in Kidney Stone)

Kidney  में पथरी का मुख्य कारण Uric Acid होता है

जो की हमारे मूत्र का एक घटक होता है। कम मात्रा में पानी पिने से Kidney  में इस प्रकार की समस्या होती है। इसके लिए आप Shatavari का इस्तेमाल कर सकते है। बीस से तीस मिली शतावरी की जड़ का रास और गाय के दूध को मिला कर रोजाना पिने से पथरी गल कर बाहर निकल जाती है।

फीवर में शतावरी के लाभ (Shatavari Benefits in Fiver Problem)

Fever की समस्या एक नार्मल समस्या होती है

जो लगभग दो या तीन दिन में ठीक हो जाती है। लेकिन फिर भी आपको लगता है सही नहीं होगा

तो आप Shatavari का प्रयोग कर सकते है।

इसके लिए आपको शतावरी और गिलोय के रस को गुड़(Jaggery) में मिलकर सेवन करना है

इससे बुखार की समस्या में लाभ मिलता है।

सुजाक रोग में शतावरी का उपयोग (Shatavari Powder Benefits for Female)

सुजाक (Gonorrhea) एक यौन रोग है जो की Bacteria के Infection के कारण होता है।

साफ सफाई का ध्यान नहीं रखने के कारण ये सब Infection हो सकता है।

इसके लिए आप शतावरी बीस मिली और दूध अस्सी मिली लेकर इसको पिए

इससे आपको Gonorrhea Infection में लाभ होगा।

दस्त में शतावरी के लाभ (Shatavari Benefits in Diarrhea Problem)

दस्त जयादातर पानी के संक्रमण के कारण ही लगते है।

लेकिन पाचनतंत्र (Digestive System) के सही ढंग से काम नहीं करने के कारण भी हो सकते है।

इसके लिए आपको पांच ग्राम Shatavari Churna को घी के साथ लेना है

इससे दस्त पर रोक लग जाती है और आपको Physical Weakness  भी नहीं आएगी।

बवासीर में शतावरी के फायदे (Shatavari benefits in Piles Treatment )

बवासीर (Hemorrhoid) की समस्या खान पान और कम मात्रा में पानी पिने से होती है क्योकि खान पान सही नहीं होगा तो पाचन तंत्र सही से काम नहीं करेगा

आपका मल टाइट आएगा और इससे आपके मलद्वार (Anus)में जख्म हो जायेंगे

जो बाद में मस्से का रूप ले लेते है इसके लिए आपको Shatavari चार ग्राम चूर्ण को रोजाना Milk के साथ सेवन करना है

इससे आपको जल्दी ही लाभ मिलेगा और भरपूर मात्रा में पानी पीना है।

शतावरी के नुकसान (Shatavari Side Effects in Hindi)

जिस तरह शतावरी के फायदे है उसी तरह इसके कुछ  Side Effect भी है नुकसान भी होते है। जिनकी जानकारी आपको निचे दी गई है। इस ओषधि के इस्तेमाल करने से पहले आपको किसी योग्य Doctor से मिलना चाहिए।

  • शतावरी का ज्यादा इस्तेमाल करने से आपको साँस लेने में दिक्कत हो सकती है।
  • इसके इस्तेमाल से त्वचा पर दाने निकल सकते है और चकते जैसी निशान बन सकते है।
  • इसके साइड इफ़ेक्ट से चक्कर भी आ सकते है।
  • शतावरी का ज्यादा इस्तेमाल करने से शरीर में खुजली की प्रॉब्लम हो सकती है।
  • जिन लोगो को पहले से ही एलर्जी की समस्या है उनको शतावरी का प्रयोग नहीं करना चाहिए
    जिन लोगो को किडनी की पथरी है वो लोग इसका सेवन किसी वैद या डॉक्टर की सलाह से करे
  • क्योकि जानकारी न होने के कारण ये किडनी में पथरी की समस्या को और बढ़ा सकती है।

शतावरी का प्रयोग करने से पहले आपको किसी डॉक्टर या वैद से मिलकर इसकी जानकारी लेनी चाहिए

उनकी सलाह के अनुसार इसका प्रयोग करना चाहिए।

 

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