Baba Ramdev Biography in Hindi | योगगुरु बाबा रामदेव कौन है? कहाँ से आया है?

Baba Ramdev Biography in Hindi – बाबा रामदेव का जीवन परिचय : बाबा रामदेव को आज कौन नही जानता। दुनिया मे योगगुरु के नाम से प्रसिद्ध बाबा रामदेव हमेशा सुर्खियों में रहते है। Baba Ramdev योगगुरु होने के साथ साथ आयुर्वेद और राजनीति के भी अच्छे जानकार है। बाबा रामदेव ने योग के द्वारा भारत को पूरी दुनिया मे एक अलग पहचान दिलाई है। बाबा रामदेव ने भारत के लोगों को स्वदेशी अपनाने के लिये प्रेरित किया है और उनकी संस्था पतंजलि इस ओर अग्रसर भी है।

आज इस लेख के माध्यम से हम आपको बतायेंगे की आखिर Baba Ramdev Kaun Hai, Baba Ramdev Kahan Ke Rahne Wale Hai, Baba Ramdev Ke Privar Me Kaun Kaun Hai, Baba Ramdev History in Hindi। तो बने रहिये हमारे इस लेख में। इस लेख को आप आखिर तक जरूर पढ़ें और अगर कोई सुझाव या फिर सवाल है तो हमें पोस्ट पढ़ने के बाद नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर भेजना।

 

बाबा रामदेव जी की का जन्म, परिवार शिक्षा प्रारंभिक जीवन – Baba Ramdev Biography in Hindi

Baba Ramdev का जन्म हरियाणा राज्य के महेंद्रगढ़ जिले के एक छोटे से गांव अलीपुर में हुआ था। शुरुआत से उनका नाम रामदेव नही था। पहले उनको रामकृष्ण यादव के नाम से जाना जाता था। उनके पिता का नाम रामनिवास यादव है और माता जी का नाम गुलाबो देवी है। परिवार में उनका भाई भी है जिनका नाम राम भारत है।

 शुरुआती पढ़ाई उन्होंने पास के ही गांव शहजादपुर से पूरी की थी। बाबा रामदेव ने वहां आठवी तक शिक्षा ग्रहण की ओर उसके बाद में आगे की पढ़ाई उन्होंने गुरुकुल में रहकर पूरी की थी। गुरुकुल में अपने गुरूओं के साथ रहकर उन्होंने धर्म, वेद, साहित्य और योग पर गहन अध्ययन किया था। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में उन्होंने संस्कृत और योग का अध्ययन किया।

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Baba Ramdev ने हिंदू शास्त्रों का गहनता से अध्ययन किया है और हरिद्वार में रहकर अलग-अलग गुरुओं से शिक्षा हासिल की हैं। बचपन में अधिक दवाइयों के सेवन के कारण Baba Ramdev का शरीर लकवाग्रस्त हो गया था। उनके शरीर के बाईं तरफ के हिस्से ने काम करना बंद कर दिया था। वह अपने स्वास्थ्य में चमत्कारी लाभ के लिए योग को श्रेय देते है ओर योग की मदद से ही वे अपने लकवे की बीमारी से बाहर आ पाये थे।

आम आदमी से सन्यासी बनना – Baba Ramdev Biography in Hindi

पढाई पूरी करने के बाद Baba Ramdev ने सांसारिक जीवन का त्याग करके सन्यास ग्रहण कर लिया ओर हरियाणा के जींद गाँव में कालवा गुरुकुल में रहने लगे। यहाँ उन्होंने आसपास के लोगों को योग की शिक्षा देनी शुरू कर दी जिससे लोगो का भला होने लगा। योग से लोग स्वस्थ होने लगे। कालवा गुरुकुल से Baba Ramdev हरिद्वार में आकर बस गए। स्वामी रामदेव ने स्वामी शंकरदेव जी महाराज से सन्यास की दीक्षा ली थी। इसके बाद वे प्राचीन शास्त्र का अध्यन करने लगे, साथ ही योग ओर ध्यान को अधिक समय देने लगे। हरिद्वार में रहते हुए उन्होंने अपना गुरुकुल शुरू कर लिया और लोगों को योग शिक्षा देने लगे। यहां वे लोगो को योग से रोग मुक्त होने के लिये नए नए योग के आसनो के बारे में शिक्षा देने लगे।

दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट (Divya Yogpeeth Trust) – Baba Ramdev Biography in Hindi

दुनिया भर के नामचिन लोग Baba Ramdev के साथ जुड़े हुए हैं। बाबा रामदेव ने दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट की स्थापना 5 जनवरी 1995 में आचार्य करमवीर व आचार्य बालकृष्ण के सहयोग से की थी। फिलहाल दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट हैड ऑफिस हरिद्वार के कृपालु बाग़ आश्रम में स्थित है। Baba Ramdev इसी आश्रम में योग की शिक्षा दिया करते हैं। दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट की स्थापना Baba Ramdev द्वारा योग की शिक्षा का अधिक से अधिक प्रचार करने और योग को पूरी दुनिया के लोगों के लिए सर्वसुलभ बनाने के उद्देश्य हेतु की गयी थी।

पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट का इतिहास – History of Patanjali Yogpeeth Trust

पतंजलि योगपीठ को बनाने का मुख्य कारण था लोगों को योग और आयुर्वेद की शिक्षा देना। इस ट्रस्ट को बाबा रामदेव ने साल 2006 में ऋषि पतंजलि के नाम से बनाया था। ये एक गैर सरकारी संगठन है। पतंजलि योगपीठ के कुलपति बाबा रामदेव खुद हैं और महासचिव के पद पर आचार्य बालकृष्ण है। सम्पूर्ण भारत की बात करें तो इसके केवल 2 परिसर (पतंजलि – 1 और पतंजलि – 2) बने हुये हैं जहाँ आम आदमी योग कर सकता है। दोस्तों आपको बता दें की बाबा रामदेव की हिस्सेदारी इन संस्थानों में बिलकुल भी नहीं है। पतंजलि जब भारत आयी तब विदेशी कंपनियों की हालत खराब हो गई थी। बाबा रामदेव को देखकर उन सभी विदेशी कंपनियों ने अपना सारा माल आयुर्वेदिक बनाकर बेचना शुरू कर दिया है।

स्वामी रामदेव से जुड़े अनसुने तथ्य – Facts About Baba Ramdev

संयासी जीवन शुरू करने के बाद बाबा रामदेव रख लिया था और योग करना शुरु कर दिया। पहले इनका नाम रामकृष्ण यादव हुआ करता था। स्वामी रामदेव ने हिन्दू वेदों और शास्त्रों की पढाई अलग अलग गुरुओं से उत्तराखंड की पावन धरा हरिद्वार में रहकर ली थी।

बाबा रामदेव बचपन में अक्सर बीमार रहते थे। इसकी वजह से Baba Ramdev काफी ज्यादा दवाईयां खाते थे। जयादा मात्रा में दवाइयों के सेवन से उनके शरीर के एक तरफ के हिस्से ने काम करना बंद कर दिया था। वो लकवा नमक रोग से ग्रसित हो गए थे लेकिन उन्होंने योग से खुद को फिर से बिलकुल ठीक और स्वस्थ कर लिया था।

सब्जियां, फल और गाय के दूध का ही सेव

क्या आप जानते हो की Baba Ramdev कोई भी अनाज नहीं खाते हैं बल्कि वे केवल उबली हुई सब्जियां, फल और गाय के दूध का ही सेवन करते हैं। उनके दाहिने हाथ माने जाने वाले आचार्य बालकृष्ण के पतंजलि आयुर्वेद में करीब 94 फीसदी शेयर है। यानि स्वामी रामदेव के पास पतंजलि की किसी भी प्रकार से हिस्सेदारी नहीं है।

पहले शुरुआत में Baba Ramdev छोटे मोटे योग के शिविर लगाकर योग के बड़े में सिखाते थे, इसके बाद जब उन्होंने देखा कि योग से लोगों की हेल्थ पर फर्क पड़ रहा है और लोग धीरे धीरे स्वस्थ हो रहे हैं तो फिर Baba Ramdev आस्था नाम के एक टेलीविजन के चैनल के माध्यम से योग प्रोग्राम कर लोगों को योग सिखाने लगे, उनके इस योग के टेलीविजन प्रोग्राम को काफी लोकप्रियता हासिल हुई।

दोस्तों मै आशा करता हूँ आपको “बाबा रामदेव का जीवन परिचय। Baba Ramdev Biography in Hindi” का ये लेख पसंद आया होगा। अगर आपको हमारा ये लेख पसंद आया हो तो अपने दोस्तों और परिवारगणो के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर जरूर करे। अगर इस लेख के बारे में आपकी कोई प्रतिकिर्याएँ है तो हमें कमेंट के माध्यम से जरूर बताना और इसके लिए आप हमें Contact Us पेज के जरिये email भी कर सकते हैं।

स्वामी रामदेव के बारे में सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवाल :

सवाल : बाबा रामदेव कौन सा जाति का है?


जवाब : अहीर यादव जाती

सवाल : बाबा रामदेव की डेट ऑफ बर्थ क्या है?
जवाब : 26 दिसम्बर 1965

सवाल : बाबा रामदेव के गांव का नाम क्या है?
जवाब : अलीपुर

सवाल : पतंजलि का असली मालिक कौन है?
जवाब : आचार्य बालकृष्ण

सवाल : बाबा रामदेव जी के कितने पुत्र हैं ?
जवाब : शादी नहीं की

सवाल : बाबा रामदेव की योग्यता क्या है ?
जवाब : आठवीं तक लेकिन घर्म, वेद, ग्रंथों, योग और साहित्य के बारे में गहन चिंतन किया है।

सवाल : बाबा रामदेव से बात करनी है?
जवाब : हरिद्वार में पतंजलि जाइये।

सवाल : बाबा रामदेव जी के परिवार में कौन कौन हैं ?
जवाब : माता – पिता और भाई तथा भाई का परिवार। लेकिन बाबा रामदेव ने सन्यास लिया हुआ है

इसलिए अब ये दुनिया ही उसका परिवार है।

सवाल : बाबा रामदेव की शादी हुई है या नहीं ?
जवाब : नहीं हुई

सवाल : बाबा रामदेव का जन्म स्थान कहां पर है ?
जवाब : गांव अलीपुर, जिला महेंद्रगढ़, हरियाणा

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