(कारगिल गर्ल) गुंजन सक्सेना की बायोग्राफी । एकमात्र महिला पायलट Gunjan Saxena

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Gunjan Saxena -: आज पहले के समय में महिला को उतने अधिकार नहीं थे की वो अपनी मर्जी से कुछ भी कर पाए। लेकिन आज का समय बदल चूका है। महिलाये हर क्षेत्र में पुरुष के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर आगे बढ़ती है। और पुरुष समाज भी उनके साथ चलने में अपनी शान समझता है। आज हम बात कर रहे एक ऐसी बहादुर महिला की जिसने भारत देश का नाम गर्व से उच्चा कर दिया है। और भारत माता की रक्षा भी की है। उनकी बहादुरी की जितनी तारीफ की जाये कम है। हम बात कर रहे है कारगिल गर्ल गुंजन सक्सेना की।

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इनका नाम तो आपने भी सुना होगा। आज उनके जीवन से जुडी सभी जानकारिया आपके साथ साझा कर रहे है। 1999 में जब कारगिल का युद्ध चल रहा था तो पाकिस्तान जो सामने आता उसी पर गोलिया दाग रहा था। उस समय किसी की भी हिम्मत उसके क्षेत्र में घुसने की नहीं हो रही थी तब गुंजन और श्रीविद्या राजन ने उनके क्षेत्र में घुसने की हिमत दिखाई और युद्ध में घायल अफसरों की जान बचाई थी। गुंजन सक्सेना फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद पर तैनात थी। और उस समय भारतीय सेना में महिला की भागेदारी बहुत कम थी। पहला महिला बैच उस समय त्यार हुआ था। और उसमे गुंजन सक्सेना भी एक थी।


गुंजन सक्सेना जीवन परिचय

गुंजन सक्सेनाजानकारी
पूरा नाम गुंजन सक्सेना
उपनाम कारगिल गर्ल
जॉब विमान पायलट (INDIAN AIR FORCE)
लक्ष्यदेश सेवा
जन्म दिन 4 जून 1975
जन्म स्थान गुजरात
माता का नाम ज्ञात नहीं है।
पिता का नाम अनूप सक्सेना
पति का नामगौतम नाराइन
बेटी का नामप्रज्ञा
भाई अंशुमन सक्सेना
बहन ज्ञात नहीं है।
राष्ट्रीय भारतीय
धर्म हिंदू
गृह नगर गुजरात
एजुकेशन ग्रेजुएट
मोटिवेशनपिता और भाई
बालों का रंग गोरा
आँखों का रंगब्लैक
उन पर बनी फिल्मद कारगिल गर्ल


गुंजन सक्सेना का जन्म और परिवार (Gunjan Saxena Family and Husband details)

Gunjan Saxena का जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ था। जिसका आर्मी से पुराना नाता रहा है। उनके पिता और भाई आर्मी में थे। और जब परिवार में सभी लोग देश सेवा से जुड़े हो तो देश से लगाव तो हर पीढ़ी को हो ही जाता है। गुंजन सक्सेना ने अपनी प्राथमिक पढाई को अपने गृह नगर में ही पूरा किया था। इसके बाद आगे की पढाई के लिए उन्होंने दिल्ली का रुख किया और दिल्ली के विश्वविधालय हंसराज में दाखिला ले लिया। और इसके साथ ही गुंजन फ्लाइंग कल्ब से जुड़ गई थी।

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उनके जीवन का लक्ष्य ही इंडियन एयरफोर्स में पाइलट बनने का था। तो उन्होंने बारीकी से इस फील्ड में जानकारी लेनी शुरू कर दी थी। इसी बीच गुंजन सक्सेना ने सशत्र सीमा बल में भी परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी। इसके बाद गुंजन अपने लक्ष्य की और आगे बढ़ी और इंडियन एयरफोर्स की तयारी करने लगी थी। और इंडियन एयरफोर्स में प्रशिक्षु पाइलट के रूप में एंट्री कर ली। गुंजन पहली ऐसी महिला है जो इंडियन एयरफोर्स में फाइटर पाइलट के रूप में सेलेक्ट है थी।

गुंजन सक्सेना Husband and Daughter

Gunjan Saxena ने एयर फाॅर्स में ही एक पायलट से शादी कर ली थी। और उनकी एक बेटी है जिसका नाम प्रज्ञा है। और एक बेटा है जिसका नाम ज्ञात नहीं है।

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गुंजन सक्सेना का इंडियन एयरफोर्स का सफर

इंडियन एयरफोर्स में प्रसिक्षु पायलट के रूप में ज्वाइन करने के बाद गुंजन सक्सेना और पच्चीस लड़कियों की ट्रेनिंग फाइटर पायलट के रूप में शुरू हो चुकी थी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उनको कारगिल युद्ध में चिता हेलीकाप्टर को उड़ाने के लिए कहा गया था। और उनको मेडिकल सर्विस डिपार्टमेंट का जिम्मा मिला था। घायल सैनिको और अफसरों को मदद पहुंचाने वाली यूनिट में उनको लगाया गया था। चिता हेलीकाप्टर को सिर्फ मदद पहुंचने के उद्देशय से निर्मित किया गया था।

इसमें कोई भी लड़ाकू हेलीकॉप्टर के फंक्शन नहीं थे। इसलिये इस हेलीकाप्टर से लड़ाई के मैदान में जाकर घायल सैनिको को मदद करना सबसे खतरनाक काम था लेकिन गुंजन सक्सेना और श्रीविद्या राजन ने इसको बखूबी अंजाम दिया। गुंजन सक्सेना को इंडियन एयरफोर्स में कभी भी लड़ाकू विमान उड़ाने का मौका नहीं मिला लेकीन फिर भी उनकी बहादुरी के लिए उनको शौर्य चक्र दिया गया था। क्योकि बिना हथियार के दुशमन की गोलियों का सामना करते हुए सैनिको की मदद करना कोई आसान काम नहीं है।

Gunjan Saxena महिला के लिए बनी प्रेरणाश्रोत

गुंजन सक्सेना की बहादुरी और साहस की कहानी तो आप ऊपर पढ़ ही चुके है। आज के टाइम में गुंजन सक्सेना युवा वर्ग के लिए प्रेरणा बन चुकी है। सभी युवा उनकी तरह ही बनना चाहते है। और कंधे से कन्धा मिलकर देश सेवा करना चाहते है।

शौर्य चक्र से सम्मानित 

गुंजन सक्सेना को उनकी बहादुरी और शौर्यता के लिए शौर्य चक्र से नवाजा गया है। दुश्मन के क्षेत्र में बिना हथियार के अपने सैनिको के मदद करना और जान की परवाह न करते हुए देश सेवा करना अपने आप में बहुत बहादुरी का काम होता है। इसके लिए शौर्य चक्र दिया जाता है।

Gunjan Saxena पर बनने वाली फिल्म

लेफ्टिनेंट पायलट गुंजन सक्सेना की जिंदगी पर बनने वाली फिल्म का नाम गुंजन सक्सेना द कारगिल गर्ल है। इस फिल्म में जान्हवी कपूर गुंजन सक्सेना का किरदार निभा रही है। इस फिल्म का निर्माण मशहूर फिल्म निर्माता करण जोहर के निर्देशन में किया जा रहा था ये फिल्म बारह अगस्त 2020 को प्रीमियर हुई थी। ये एक बायोपिक फिल्म थी।

गुंजन सक्सेना से जुडी कुछ ख़ास बाते

  • कारगिल के युद्ध में जब चारो तरफ गोलिया चल रही थी।
  • तब गुंजन सक्सेना ने अपनी बहादुरी का परिचय देते हुए घायल सैनिको की मदद की थी
  • और उनकी जान बचाई थी।
  • गुंजन सक्सेना का सपना था की वो इंडियन एयरफोर्स में पायलट से ज्वाइन हो।
  • इसके लिए उन्होंने बहुत मेहनत की थी।
  • गुंजन सक्सेना का पूरा परिवार आर्मी बैकग्राउंड से था।
  • उनके भाई और पिता ने उनको काफी सपोर्ट किया था।
  • गुंजन सक्सेना भारतीय वायु सेना में एक प्रशिक्षु पायलट के रूप में भर्ती हुई थी।
  • और ट्रेनिंग के दौरान उनकी पोस्टिंग उधमपुर और जम्मू कश्मीर बेस पर थी।
  • गुंजन सक्सेना हमेशा से ही हर किसी के लिए प्रेरणा की स्रोत रही है।
  • और आज के युवाओ के लिए मार्गदर्शक भी है।
  • गुंजन सक्सेना ने कारगिल के क्षेत्र में अठारह हजार फ़ीट की ऊंचाई पर चीता हलोकॉप्टर को उड़ाया था
  • और घायल सैनिको की मदद की थी।
  • इसी से आप उनकी बहादुरी का अंदाजा लगा सकते है।
  • गुंजन सक्सेना देश की पहली महिला पायलट है जो की कारगिल युद्ध क्षेत्र में गई थी।
  • और बिना हथियारों के युद्ध में बहादुरी से लड़ी भी।
  • इसके साथ ही गुंजन सक्सेना को शौर्य चक्र भी दिया गया।
  • जिस समय गुंजन सक्सेना पच्चीस साल की थी तब उनकी 132 फोरवोर्ड एरिया कण्ट्रोल में हुयी थी।
  • कारगिल युद्ध के दौरान उनको जम्मू कश्मीर जाने का आदेश मिला था।
  • उनकी पोस्टिंग जम्मू कश्मीर में घायल सैनिको की सहायता और मेडिकल कैंप में की गई थी।
  • वहा उनको चीता हेलीकाप्टर से अपने सैनिको की रक्षा करनी थी।
  • उस समय उनकी टीम में सिर्फ वो अकेली महिला पायलट थी।
  • गुंजन एक ऐसी ट्रेंड पायलट थी।
  • जो की हेलीकाप्टर को तेरह हजार फ़ीट की ऊंचाई पर उतारने में सक्षम थी।
  • जो की किसी अन्य पायलट के लिए आसान नहीं था।

गुंजन सक्सेना से जुडी रोचक जानकारी

  • इंडियन एयरफोर्स में एक शार्ट कमिशन अधिकारी का कार्यकाल सिर्फ सात वर्ष तक ही होता है।
  • इसलिए गुंजन सक्सेना की सर्विस भी सात साल के बाद समाप्त हो गई।
  • अपने इस साथ साल के करियर में गुंजन ने वो कर दिखाया था
  • जो हर किसी के बस की बात नहीं होती।
  • इसके लिए उनको सम्मान सवरूप शौर्य चक्र मिला था।
  • गुंजन सक्सेना ने एयरफोर्स में ही कार्यरत एक पायलट से शादी कर ली थी
  • उनके परिवार में एक बेटी जिसका नाम प्रज्ञा और एक बेटा है।
  • उनके जीवन पर बनने वाली फिल्म जल्द ही आने वाली है।
  • इस फिल्म में उनकी भूमिका जान्हवी कपूर अदा कर रही है।
  • अजय देवगन भी अभिनय कर रहे है।
  • इस फिल्म को करण जोहर के निर्देशन में बनाया जा रहा है।
  • अभी गुंजन सक्सेना अपने गृहनगर गुजरात में है
  • उनकी उम्र करीब 46 वर्ष है।
  • गुंजन सक्सेना को सीधा सरल जीवन पसंद है।
  • अभी वो अपनी जिंदगी को आराम से जी रही है।
  • देश सेवा के बाद अब उनका जीवन गृहणी के रूप में अच्छा चल रहा है।

 

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